21 दिसंबर, 1963 को मुंबई में पैदा हुए गोविंदा के पिता अरुण कुमार आहूजा और मां निर्मला देवी भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे. गोविंदा के पापा अपने टाइम के जाने-माने फिल्म मेकर्स में से एक थे. लेकिन वक्त की मार ने परिवार को बंगले से विरार के छोटे से घर में ला दिया. दरअसल, गोविंदा के पिता की एक फिल्म फ्लॉप होने के बाद फैमिली को आलीशान घर छोड़कर विरार की एक चाल में रहना पड़ा. इसी स्ट्रगल ने गोविंदा के अंदर सक्सेसफुल होने की आग जला दी. उन्होंने कॉमर्स में डिग्री ली, लेकिन गोविंदा का दिल हमेशा से एक्टिंग और नृत्य में ही लगता था.
संक्षिप्त परिचय
90 के दशक का वो जादूगर जिसे दुनिया कहती है 'नंबर 1', ये है गोविंदा की अनकही और अनसुनी कहानी. बॉलीवुड के इतिहास में अगर किसी एक एक्टर ने अपनी मुस्कान, डांस और कमाल की कॉमिक टाइमिंग से पूरे देश को अपना दीवाना बनाया, तो उनका नाम है गोविंदा. 90 के दशक में एक दौर ऐसा था जब बड़े-बड़े सुपरस्टार्स अपनी फिल्में रिलीज करने से पहले ये देखते थे कि कहीं उस हफ्ते 'चीची' यानी गोविंदा की कोई मूवी तो नहीं आ रही. वैसे, विरार की गलियों से निकलकर मायानगरी के सिंहासन तक पहुंचने वाले हीरो नंबर वन गोविंदा का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है.
गोविंदा की शुरुआती जिंदगी और संघर्ष की कहानी
21 दिसंबर, 1963 को मुंबई में पैदा हुए गोविंदा के पिता अरुण कुमार आहूजा और मां निर्मला देवी भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे. गोविंदा के पापा अपने टाइम के जाने-माने फिल्म मेकर्स में से एक थे. लेकिन वक्त की मार ने परिवार को बंगले से विरार के छोटे से घर में ला दिया. दरअसल, गोविंदा के पिता की एक फिल्म फ्लॉप होने के बाद फैमिली को आलीशान घर छोड़कर विरार की एक चाल में रहना पड़ा. इसी स्ट्रगल ने गोविंदा के अंदर सक्सेसफुल होने की आग जला दी. उन्होंने कॉमर्स में डिग्री ली, लेकिन गोविंदा का दिल हमेशा से एक्टिंग और नृत्य में ही लगता था.
फिर साल 1986 में फिल्म 'इल्जाम' से गोविंदा ने बॉलीवुड में कदम रखा. इस फिल्म का गाना 'स्ट्रीट डांसर' रातों-रात हिट हो गया और भारत को अपना पहला रीयल ब्रेक-डांसर मिल गया. गोविंदा के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जिसे तोड़ना आज के दौर में नामुमकिन सा लगता है. दरअसल, साल 1986 में गोविंदा ने लगभग 40 फिल्में साइन की थीं और कई बार वे एक ही दिन में तीन-तीन अलग-अलग फिल्मों की शूटिंग करते थे. गोविंदा का डांस किसी ट्रेनिंग का नतीजा नहीं था. उनके चेहरे के एक्सप्रेशन और बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी ऐसी थी कि लोग स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाते थे.
रंग-बिरंगे कपड़ों से बना ‘गोविंदा स्टाइल’
उन्होंने 'सरकाई लो खटिया' से लेकर 'हुस्न है सुहाना' जैसे गानों पर जो डांस किया, उसे आज भी शादियों और पार्टियों में कॉपी किया जाता है. उनके रंग-बिरंगे कपड़े, लाल पैंट और पीली शर्ट उस दौर में 'गोविंदा स्टाइल' बन गए थे. उन्होंने साबित किया कि स्टाइल सिर्फ ब्रांडेड कपड़ों से नहीं, बल्कि कॉन्फिडेंस से आता है. प्रोफेशनल के साथ-साथ गोविंदा की पर्सनल लाइफ भी काफी दिलचस्प रही. उन्होंने अपने करियर के शुरुआत में ही यानी 1987 में सुनीता आहूजा से शादी कर ली थी. लेकिन शुरुआत के कुछ साल दोनों ने अपनी शादी को दुनिया से छिपाकर रखा ताकि गोविंदा की फीमेल फैन फॉलोइंग कम न हो.
हालांकि, बेटी टीना के पैदा होने के टाइम गोविंदा और सुनीता ने अपनी शादी का खुलासा कर दिया. सुनीता और गोविंदा के दो बच्चे हैं, टीना और यशवर्धन आहूजा. एक पिता के रूप में गोविंदा हमेशा अपने बच्चों के करीब रहे हैं. हालांकि, 90 के दशक में नीलम कोठारी के साथ उनके अफेयर की खबरों ने काफी सुर्खियां बटोरीं. मगर वक्त के साथ उन्होंने अपनी शादीशुदा जिंदगी को मजबूती से संभाला. शादी के 37 सालों बाद गोविंदा और सुनीता की शादी में दरार की खबरें अक्सर आती रहती हैं. मगर एक्टर की पत्नी का ये भी कहना है कि, इस जन्म में उन दोनों को कोई अलग नहीं कर सकता.
करियर में उतार-चढ़ाव
हर चमकते सूरज का ढलना तय होता है. कुछ ऐसा टाइम गोविंदा के करियर में भी आया. 2000 के दशक के शुरुआत में गोविंदा का करियर ढलान पर आने लगा. इसका बड़ा कारण उनकी पॉलिटिक्स में एंट्री और सेट पर देरी से पहुंचने की आदत को माना जाता है. साल 2008 में फिल्म 'मनी है तो हनी है' के सेट पर एक फैन को थप्पड़ मारने की खबर ने गोविंदा की इमेज को काफी नुकसान पहुंचाया. इसके बाद उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाईं और धीरे-धीरे वो लाइमलाइट से दूर होते गए.
वैसे करियर में इस ढलान से पहले गोविंदा ने हीरो नंबर वन, कुली नंबर वन, शोला और शबनम, राजा बाबू, साजन चले ससुराल, दीवाना मस्ताना, दूल्हे राजा, हसीना मान जाएगी और भागम भाग जैसी शानदार और हिट फिल्में दी हैं. गोविंदा को उनके करियर में 12 फिल्मफेयर नॉमिनेशन मिले. इनमें से उन्होंने 'साजन चले ससुराल' के लिए स्पेशल अवार्ड और 'हसीना मान जाएगी' के लिए बेस्ट कॉमेडियन का अवार्ड भी अपने जीता. हालांकि, अवॉर्ड से ज्यादा गोविंदा की सबसे बड़ी उपलब्धि उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है. आज भी जब वो किसी रियलिटी शो में आते हैं, तो पूरा देश उन्हें वही प्यार देता है जो 30 साल पहले दिया करता था.
ये कहना गलत नहीं है कि गोविंदा सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि एक इमोशन हैं जिन्होंने हमें सिखाया कि चाहे कपड़े कितने भी चटकीले हों, अगर आपके अंदर टैलेंट है, तो पूरी दुनिया आपकी धुन पर नाच सकती है. वैसे, अच्छी फिल्मों के अलावा गोविंदा का नाता कंट्रोवर्सीज से भी खूब रहा है. कहने का मतलब ये है कि, पिछले कुछ सालों में गोविंदा अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने भांजे और फेमस कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक के साथ बिगड़े रिश्तों को लेकर खबरों में रहे. दोनों परिवारों के बीच काफी बयानबाजी हुई, जिससे फैंस काफी दुखी हुए. हालांकि, हाल के महीनों में इनके बीच सुलह की खबरें भी आई हैं.
कुल नेट वर्थ और कमाई के स्रोत
90 के दशक में अपनी कॉमेडी और डांस से सबको नचाने और हंसाने वाले गोविंदा आज भी किसी राजा से कम लाइफ नहीं जीते. विरार की गलियों से निकलकर मायानगरी के 'नंबर 1' स्टार बनने वाले चीची भैया ने अपनी मेहनत से अपने लिए लग्जरी लाइफ चुनी है. हाल ही में उनकी नेटवर्थ और लाइफस्टाइल को लेकर कुछ दिलचस्प जानकारियां सामने आई हैं, जो बताती हैं कि पर्दे से दूर होने के बावजूद भी हीरो नंबर वन का रुतबा आज भी बरकरार है.
अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोविंदा की कुल नेटवर्थ लगभग 170 करोड़ रुपये है. अपने करियर के पीक पर वो एक फिल्म में काम करने के लिए 6 करोड़ रुपये तक चार्ज करते थे. आज सुनने में ये रकम कम लगती होगी, क्योंकि अब बड़े-बड़े बॉलीवुड स्टार्स एक फिल्म के लिए 50 से 100 करोड़ रुपये तक की फीस लेते हैं. लेकिन ये 90s की बात है जब गोविंदा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले सेलिब्रिटीज़ में टॉप पर रहते थे. वहीं, आज भी गोविंदा एड और ब्रांड एंडोर्समेंट से तगड़ी कमाई करते हैं, जिसके लिए वो करीब 2 करोड़ रुपये चार्ज करते हैं.
राजनीति और प्रोडक्शन से कमाई
इसके अलावा राजनीति और प्रोडक्शन हाउस से भी उन्होंने अच्छी खासी कमाई की है. वैसे, बाकी अमीर लोगों की तरह बॉलीवुड स्टार गोविंदा को भी प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना काफी पसंद है. उनका सबसे पॉपुलर ठिकाना मुंबई के जुहू में है. यानी जुहू में गोविंदा का एक आलीशान बंगला है, जिसकी कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये बताई जाती है. लेकिन ये तो सिर्फ शुरुआत है, उनके पास कई और लग्जरी और महंगी प्रोपर्टीज भी हैं. गोविंदा का मुंबई के रुइया पार्क में एक बंगला है, जिससे उन्हें हर महीने अच्छी-खासी रेंटल इनकम आती है. इसके अलावा उनका मड आइलैंड में भी एक खूबसूरत घर, जिसका इस्तेमाल अक्सर फिल्मों की शूटिंग के लिए होता है.
यानी इस बंगले से भी गोविंदा तगड़ी कमाई करते हैं. मुंबई के बाहर यानी कोलकाता में भी गोविंदा का अपना एक बंगला है. साथ ही उनके पास लखनऊ में 90,000 वर्ग फुट की फॉर्मिंग जमीन भी है. लिस्ट यही खत्म नहीं होती, गोविंदा के पास रायगढ़ में एक शानदार और बड़ा सा फार्महाउस भी है. यहां वो अक्सर अपने परिवार और दोस्तों के साथ सेलिब्रेट करते हैं. महंगी प्रोपर्टीज़ के अलावा गोविंदा को लग्जरी कारों का भी शौक है. उनके पास एक से बढ़कर एक शानदार गाड़ियों का कलेक्शन है. राजा बाबू के गैराज में एक से बढ़कर एक गाड़ियां खड़ी हैं.
उनके पास डेली यूज से लेकर लग्जरी तक, हर तरह की कारें हैं. एक्टर के कलेक्शन में 15 लाख की हुंडई क्रेटा से लेकर 64 लाख की मर्सिडीज-बेंज GLC तक शामिल है. इसके अलावा उनके पास टोयोटा फॉर्च्यूनर, फोर्ड एंडेवर और मर्सिडीज C220D जैसी दमदार गाड़ियां भी हैं. यानी 62 साल की उम्र पार कर चुके गोविंदा एक बेहद आलीशान लाइफ जीते हैं. वैस, इस उम्र में आकर भी गोविंदा ने खुद को काफी फिट रखा हुआ है. इसके पीछे उनका हेल्थ को लेकर डेडिकेशन और अच्छी डाइट है.
योग, कार्डियो और डांस फिटनेस मंत्र
उनका मानना है कि अच्छा और हेल्दी खाना, आपको हर उम्र में फिट रखता है. इसके अलावा वो डेली रूटीन में योग के बहुत बड़े फैन है. वो लगभग हर दिन योग और कार्डियो करते हैं. बाकी डांस तो गोविंदा की फिटनेस का असली मंत्र है ही. गोविंदा को हमेशा से ही घर का सिंपल खाना बहुत पसंद है. उनके खाने में ज्यादातर दाल, चावल और घर की बनी सब्जियां रहती हैं. गोविंदा को भिंडी की सब्जि काफी पसंद हैं. गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का कहना है कि, एक्टर को खाने का बहुत शौक है. हालांकि, फिट रहने के लिए वो अपनी डाइट पर कंट्रोल कर लेते हैं.
दिन भर खूब सारा पानी पीकर खुद को डाइड्रेट रखना, ताजा फल और सब्जिया खाना, योगा और मेडिटेशन करना और खुद को एक्टिव रखना ही सुपरस्टार गोविंदा का फिटनेस मंत्र है. यानी, अगर आप भी फिट रहना चाहते हैं, तो हीरो नंबर वन की तरह एक बैलेंड डाइट और फिटनेस रूटीन फॉलो करना ना भूलें.
निष्कर्ष
बाइंडबॉयज सिर्फ एक ऑनलाइन शॉपिंग डेस्टिनेशन नहीं है, बल्कि एक फैशन जर्नी है -जो हर भारतीय को यह एहसास कराती है कि स्टाइल का मतलब महंगे ब्रांड नहीं, बल्कि अपनेपन से चुने गए आउटफिट्स हैं. कुल मिलाकर, बाइंडबॉयज एक भरोसेमंद फैशन रिटेल स्टोर है, जो स्टाइल, कम्फर्ट और किफायती दामों का बेहतरीन संतुलन पेश करता है। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए ट्रेंड-फोकस्ड कलेक्शन, बेहतर क्वालिटी और वैल्यू फॉर मनी के साथ, बाइंडबॉयज उन ग्राहकों के लिए एक परफेक्ट फैशन डेस्टिनेशन बनता है, जो हर मौके के लिए स्टाइलिश और भरोसेमंद विकल्प तलाशते हैं।
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